
बौंसी/बांका:- हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को एम.के. पब्लिक स्कूल में शब्दों, कविताओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यालय में आयोजित हिंदी गद्य एवं पद्य प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने कविता पाठ, निबंध और दोहा लेखन के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह एवं प्रधानाचार्या निजात खान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कविता पाठ में सृष्टि कुमारी, रिशु रानी, पूर्विका सिंह, अवंतिका राज, रितिका कुमारी, मोहिनी सिंह, प्रिंस कुमार, रावणी गुप्ता एवं रुचिका कुमारी को सम्मानित किया गया। वहीं निबंध प्रतियोगिता में प्रिंसी सिंह, टिंकू कुमार, शालिनी कुमारी, दक्ष कुमार एवं आर्यन कुमार, जबकि दोहा लेखन में मान्या कुमारी, आरोही कुमारी एवं शिवानी कुमारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रधानाचार्या निजात खान ने विद्यार्थियों को गद्य एवं पद्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गद्य और पद्य हिंदी भाषा के दो प्रमुख रूप हैं। गद्य का संबंध मुख्य रूप से बोलचाल एवं लेखन से है, जबकि पद्य में कविता, गीत, दोहा, श्लोक और चौपाई जैसी रचनाएं शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सोच और पहचान भी है। हिंदी साहित्य लोगों को आपस में जोड़ते हुए देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है। कार्यक्रम में शिक्षिका नेहा कुमारी, सुजीत कुमारी, श्वेता कुमारी एवं रेणु दत्ता सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। हिंदी दिवस का यह आयोजन बच्चों में भाषा, साहित्य और रचनात्मक लेखन के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश देकर संपन्न हुआ।











