गोगरी (खगड़िया)। बुधवार को अनुमंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष का नज़ारा किसी भयावह तस्वीर से कम नहीं था। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर प्रदीप साहू नदारद रहे और फोन तक रिसीव नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि मथुरापुर का एक मरीज गंभीर हालत में तड़पता रहा।
इमरजेंसी में सिर्फ दो जीएनएम मौजूद थीं, जो डॉक्टर की अनुपस्थिति में असहाय दिखीं। परिजन जब हंगामा करने लगे तो मामला प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश तक पहुंचा। उनके हस्तक्षेप के बाद डॉ. अभिषेक कुमार ने मौके पर पहुंचकर इलाज शुरू किया और मरीज को राहत मिली।
लोगों का कहना है कि पहले से ही अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। आउटडोर में हर रोज मरीजों की लंबी कतार लगती है, लेकिन डॉक्टरों की कमी और लापरवाही के कारण अनेक मरीज बिना इलाज लौट जाते हैं।
डॉ. चंद्रप्रकाश ने चेतावनी दी है कि बिना सूचना ड्यूटी से गायब होने वाले डॉक्टर से जवाब-तलब किया जाएगा और मामले में आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब इमरजेंसी कक्ष में भी डॉक्टर गायब हो जाएं, तो फिर मरीज जाएं तो कहां जाएं? आखिरकार मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे लापरवाह डॉक्टरों पर कब सख्त कार्रवाई होगी?
रिपोर्ट: दैनिक बिहार पत्रिका, खगड़िया
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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