
छात्राओं का हुआ हीमोग्लोबिन परीक्षण; एनीमिया के लक्षण मिलने पर दी गई आयरन की दवा और परामर्श, माहवारी स्वच्छता व आयरनयुक्त भोजन के प्रति किया जागरूक
बौंसी/बांका:- किशोरावस्था में होने वाली एनीमिया की समस्या से बचाव और छात्राओं को बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बौंसी में एक दिवसीय पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम सह एनीमिया जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं की स्वास्थ्य जांच के साथ हीमोग्लोबिन की जांच की गई और उन्हें खान-पान से लेकर व्यक्तिगत एवं माहवारी स्वच्छता तक की जानकारी दी गई। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस, बांका के निर्देश के आलोक में महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, बांका के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जिला मिशन समन्वयक राज अंकुश शर्मा ने किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सशक्त समाज की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि बेटियां स्वस्थ और पोषित रहेंगी, तभी शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़कर समाज, राज्य और देश के निर्माण में अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगी।
हीमोग्लोबिन जांच के बाद मिला परामर्श
शिविर में डॉ. राम मुकेश यादव, एएनएम शिलम कुमारी एवं लक्ष्मी कुमारी ने विद्यालय की छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान छात्राओं के हीमोग्लोबिन स्तर की भी जांच की गई। जिन छात्राओं में एनीमिया के लक्षण पाए गए, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी उचित परामर्श देने के साथ आयरन की दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं को बताया कि शरीर में आयरन की कमी से कमजोरी, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचाव के लिए रोजमर्रा के भोजन में पोषक एवं आयरनयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है।
हरी सब्जी, दाल, गुड़ और अंडे के फायदे बताए
किशोरियों को हरी साग-सब्जियां, दाल, गुड़ और अंडा जैसे आयरन एवं पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों के महत्व की जानकारी दी गई। इसके साथ ही व्यक्तिगत साफ-सफाई, माहवारी के दौरान स्वच्छता और एनीमिया से बचाव के विभिन्न उपायों को सरल तरीके से समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला मिशन समन्वयक ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के महत्व पर चर्चा करते हुए किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे। मौके पर विद्यालय की वार्डन, सभी शिक्षिकाएं तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन की टीम मौजूद रही।









