
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्यव्यापी आयोजन; मुख्य सचिव ने VC से की तैयारियों की समीक्षा, जिलों को माइक्रो प्लान बनाने का निर्देश
बांका:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा और सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बिहार में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक महीने तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान में जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ विभिन्न सेवा गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। अभियान की पूर्व तैयारियों को लेकर शुक्रवार को मुख्य सचिव, बिहार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों तथा संबंधित विभागों के वरीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान अभियान के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों और उनकी तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सभी जिलों को अभियान शुरू होने से पहले विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सूक्ष्म कार्ययोजना यानी ‘माइक्रो प्लान’ तैयार करने का निर्देश दिया। इसके माध्यम से अलग-अलग कार्यक्रमों के आयोजन, संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
सेवा से जनभागीदारी तक होंगे कई कार्यक्रम
माहव्यापी अभियान को अलग-अलग गतिविधियों से जोड़ा गया है। इसके तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ ‘सेवा चित्र’ के माध्यम से चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं ‘सेवा स्मरण’ के तहत संगीतमय नाट्य प्रस्तुति और नुक्कड़ नाटक आयोजित होंगे। ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद को प्रमुखता दी जाएगी। डिजिटल माध्यमों को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। ‘कहानी बदलाव की’ के तहत डिजिटल रील्स एवं डेटा बैंक तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन भी प्रस्तावित है। अभियान में जनभागीदारी को बढ़ाने के लिए ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत 25 प्रकार की सेवा गतिविधियों एवं श्रमदान को शामिल किया गया है। इसके साथ ही ‘सेवा सेतु अभियान’ सहित अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाना है। प्रशासनिक स्तर पर अब इन गतिविधियों को धरातल पर उतारने के लिए विभागवार तैयारियां और माइक्रो प्लान महत्वपूर्ण होंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवा गतिविधियों को आम लोगों से जोड़ते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।









