
कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों का आकलन कर क्षमता के आधार पर बनेंगे समूह; प्रतिदिन एक घंटा भाषा और एक घंटा गणित की पढ़ाई, DIET बांका में मास्टर प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग शुरू
बांका:- सरकारी विद्यालयों में कक्षा चार से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों की बुनियादी पढ़ाई और गणित की समझ को मजबूत करने के लिए अब उनकी कक्षा के बजाय वास्तविक सीखने के स्तर के आधार पर विशेष शिक्षण कराया जाएगा। इसके लिए जिले में टीचिंग ऐट द राइट लेवल (TaRL) आधारित अभियान शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। विद्यालयों में यह विशेष कार्यक्रम 12 सप्ताह यानी 60 कार्य दिवस अथवा कुल 120 घंटे तक संचालित किया जाना है। निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार के आदेश के आलोक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के प्रत्येक प्रखंड से चयनित चार-चार प्रखंड स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों का गैर-आवासीय प्रशिक्षण डायट, बांका में शुरू किया गया है। प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा मो. फारूक रहमान, डायट बांका के प्राचार्य अभय कुमार सिंह और जिला गुणवत्ता शिक्षा प्रभारी मनोहर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
पहले आकलन, फिर क्षमता के अनुसार समूह
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. फारूक रहमान ने बताया कि कक्षा चार से आठ तक के बच्चों का ASER टूल्स के माध्यम से आकलन किया जाएगा। आकलन में सामने आए बच्चों के सीखने के स्तर के आधार पर अलग-अलग समूह तैयार किए जाएंगे। इसके बाद प्रतिदिन एक घंटे भाषा और एक घंटे गणित का विशेष शिक्षण कराने पर जोर रहेगा। डायट प्राचार्य अभय कुमार सिंह ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं जिला गुणवत्ता शिक्षा प्रभारी मनोहर सिंह ने कार्यक्रम के प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि इससे बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के साथ विद्यालय से छीजन रोकने में भी मदद मिलेगी।
पहले 21 दिन खुद अभ्यास करेंगे मास्टर प्रशिक्षक
प्रशिक्षण की जिम्मेदारी राज्य स्तर से प्रशिक्षित राघवेन्द्र कुमार झा, जितेन्द्र कुमार सिन्हा, कविता कुमारी एवं प्रवीण कुमार सिंह संभाल रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रखंड स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक अपने-अपने प्रखंड के चयनित विद्यालयों में 21 दिनों तक अभ्यास शिक्षण करेंगे। इसके परिणामों के आधार पर यही मास्टर प्रशिक्षक बाद में सभी विद्यालयों से नामित शिक्षकों को प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार कार्यक्रम संचालित करेंगे।
60 दिनों तक चलेगी विशेष कक्षा
योजना के तहत कक्षा चार और पांच के सभी बच्चों को उनके स्तर के अनुसार समूहों में बांटा जाएगा। वहीं कक्षा छह से आठ तक के बच्चों में प्रारंभिक, अक्षर एवं शब्द स्तर पर चिह्नित विद्यार्थियों को विशेष रूप से कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इसके बाद जिले के विद्यालयों में 12 सप्ताह, 60 कार्य दिवस अथवा कुल 120 घंटे का TaRL आधारित अभियान संचालित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता को मजबूत कर उन्हें उनकी कक्षा के अनुरूप सीखने के स्तर तक पहुंचाने में मदद करना है। इस अवसर पर प्रथम संस्था के अभिषेक झा एवं मनीष कुमार भी उपस्थित रहे।









