
एसकेपी विद्या विहार में छात्र चाहत को पुस्तक भेंट; डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव ने शिक्षा, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर किया प्रेरित
बांका:- जन्मदिन पर महंगे उपहारों की जगह किताब मिले तो वह विद्यार्थी के भविष्य की दिशा बदलने का माध्यम बन सकती है। इसी सोच के साथ एसकेपी विद्या विहार राजपुर प्लस टू आवासीय विद्यालय, बांका में छात्र चाहत को उसके जन्मदिन पर पुस्तक भेंट की गई। जीव विज्ञान शिक्षक, जिला पर्यावरण विशेषज्ञ एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी बांका जिला इकाई प्रबंध कमेटी के सदस्य डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव ने छात्र को पुस्तक आशीर्वाद स्वरूप प्रदान की।
मेहनत के साथ बड़ा लक्ष्य रखने की सीख
पुस्तक भेंट करते हुए डॉ. प्रणव ने विद्यार्थियों से ईमानदारी और निरंतर मेहनत के साथ पढ़ाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में ऊंचे और जिम्मेदारी वाले पदों तक पहुंचने का लक्ष्य रखना चाहिए। डॉक्टर, कलेक्टर, जज, एसपी, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, राज्यपाल या राष्ट्रपति जैसे पदों की कल्पना करते हुए लक्ष्य के अनुरूप पढ़ाई और मेहनत करते रहना चाहिए।उन्होंने विद्यार्थियों को भाषा और व्यवहार में भी संयम रखने की सलाह दी। खराब शब्दों के प्रयोग से बचने तथा नशे से पूरी तरह दूर रहने का संदेश दिया गया।
माता-पिता और शिक्षकों के सम्मान पर जोर
डॉ. प्रणव ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में माता-पिता और गुरुजनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उनका हमेशा सम्मान करना चाहिए। उन्होंने देश के किसी भी हिस्से में कार्यरत शिक्षकों के प्रति आदर और सम्मान की भावना रखने की बात कही।उनका कहना था कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे व्यवहार, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी व्यक्ति को आगे बढ़ाती है।
पर्यावरण संरक्षण को बनाया जीवन का हिस्सा
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। डॉ. प्रणव ने पृथ्वी पर सुरक्षित और संतुलित जीवन चक्र बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने ओजोन परत को लेकर बढ़ती पर्यावरणीय चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके संरक्षण के प्रति पूरी दुनिया को जागरूक रहने की जरूरत है। विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के अन्य छात्रों ने छात्र चाहत को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पुस्तक को जन्मदिन के उपहार के रूप में देने की पहल ने शिक्षा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण को एक साथ जोड़ने का संदेश दिया।











