
रजौन, बाराहाट और बौंसी के शिक्षा सेवक व तालिमी मरकज़ कर्मियों की बैठक; प्रत्येक को कम से कम 10 आवेदन कराने का निर्देश
बांका:- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र बेरोजगार युवाओं तक पहुंचाने के लिए बुधवार को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, बांका में बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला योजना पदाधिकारी ने की। इसमें रजौन, बाराहाट और बौंसी प्रखंड के शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज़ और केआरपी शामिल हुए।
पात्र युवाओं को केंद्र तक पहुंचाने पर जोर
बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए शिक्षा सेवकों और संबंधित कर्मियों को अपने क्षेत्र के पात्र बेरोजगार युवक-युवतियों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई। जिला योजना पदाधिकारी ने प्रत्येक कर्मी को कम से कम 10 आवेदन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया। निर्देश दिया गया कि इसी माह से पात्र अभ्यर्थियों को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र भेजना सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया जा सके।

हर माह ₹1,000, अधिकतम दो वर्ष तक सहायता
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के प्रबंधक ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसका लाभ वैसे बेरोजगार युवक-युवतियों को दिया जाता है, जिन्होंने इंटरमीडिएट या स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है और उनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है। पात्र लाभुकों को रोजगार की तलाश के दौरान प्रत्येक माह ₹1,000 की सहायता अधिकतम दो वर्ष तक दिए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही लाभुकों को तीन माह का कुशल युवा कार्यक्रम प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे रोजगार से जुड़ी आवश्यक दक्षताओं को विकसित करने में मदद मिल सके।
22 से 25 सितंबर तक प्रखंडवार बैठक
अधिकारियों ने बताया कि योजना की अपेक्षित प्रगति के लिए 22 से 25 सितंबर तक अलग-अलग प्रखंडों के शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज़ और केआरपी के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों के माध्यम से जमीनी स्तर पर पात्र युवाओं की पहचान और आवेदन कराने की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। बैठक में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, सिंगल विंडो ऑपरेटर सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे। योजना का उद्देश्य पात्र बेरोजगार युवाओं को रोजगार की तलाश के दौरान आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ना है, ताकि वे उपलब्ध रोजगार अवसरों का बेहतर तरीके से लाभ उठा सकें।











