
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा में डीएम ने पात्र लाभुकों तक समय पर लाभ पहुंचाने पर दिया जोर; बाल संरक्षण मामलों में भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बांका:- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में देरी नहीं हो, इसे लेकर बुधवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने समाहरणालय के मिनी सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न पेंशन एवं कल्याणकारी योजनाओं के साथ जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
जीवन प्रमाणीकरण में लंबित मामलों पर फोकस
समीक्षा के दौरान पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण की स्थिति सामने आने पर डीएम ने लंबित मामलों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। जिले में 12,404 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को अभियान चलाकर लंबित प्रमाणीकरण जल्द पूरा कराने तथा पात्र लाभुकों को समय पर पेंशन सहित अन्य योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना, कबीर अंत्येष्टि अनुदान तथा मुख्यमंत्री विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजनाओं की भी प्रगति की जानकारी ली गई। डीएम ने इन योजनाओं में पात्र लोगों से अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने और स्वीकृत मामलों में समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
682 आवेदन स्वीकृत, दिव्यांग योजना में भी राहत
समीक्षा में बताया गया कि कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना में 526, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना में 119, मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना में 23 तथा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना में 16 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सभी प्राप्त आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के चार पूर्व लंबित आवेदनों को भी इसी माह स्वीकृति दी गई। वहीं मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना ‘संबल’ के तहत बैटरी चालित ट्राइसाइकिल के लिए प्राप्त 46 आवेदनों में 44 को स्वीकृति प्रदान की गई है।

बाल संरक्षण व्यवस्था की भी हुई पड़ताल
जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की समीक्षा में पर्यवेक्षण गृह की व्यवस्थाओं पर भी डीएम ने निर्देश दिए। पर्यवेक्षण गृह में 9 गृह रक्षकों की प्रतिनियुक्ति, जल निकासी के लिए नाली निर्माण, परिसर के आसपास नियमित पुलिस गश्ती और शिक्षक की प्रतिनियुक्ति के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में नशे के विरुद्ध अभियान, सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास, मानव तस्करी की रोकथाम और बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के मामलों की भी समीक्षा हुई।
चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर तत्काल पहुंचे अधिकारी
जिला बाल संरक्षण इकाई की समीक्षा के दौरान पात्र लाभुकों को परवरिश योजना से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन से किसी बच्चे से संबंधित सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बच्चे तक पहुंचने और मामले का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक समीक्षा में लंबित मामलों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सामाजिक सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए पात्र लाभुकों और जरूरतमंद बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर रहा।


BANKA NEWS: 12,404 पेंशनधारियों का









