
सोशल मीडिया सेल से वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने किया स्थल सत्यापन; BNS और IT Act की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
बौंसी/बांका:- मंदार पर्वत से जुड़ा एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बौंसी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार वीडियो में एक युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक हरकत किए जाने की बात सामने आई है। मामले में थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के स्वलिखित बयान के आधार पर थाना कांड संख्या 248/26 दर्ज किया गया है।
वीडियो मिलने के बाद तत्काल पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार 22 सितंबर को करीब 2:45 बजे सोशल मीडिया सेल के माध्यम से व्हाट्सऐप पर वीडियो प्राप्त हुआ। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम करीब 3 बजे मंदार पर्वत पहुंची और वीडियो में दिखाई गई कथित घटना से जुड़े स्थान और परिस्थितियों का सत्यापन शुरू किया। पुलिस टीम ने आसपास के दुकानदारों, स्थानीय लोगों और अन्य व्यक्तियों से पूछताछ कर वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
छह-सात अज्ञात युवकों की पहचान चुनौती
प्रारंभिक पुलिस सत्यापन में वीडियो में करीब छह-सात अज्ञात युवकों के होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, अभी तक वीडियो में दिखाई दे रहे किसी भी व्यक्ति की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय दुकानदारों से भी पूछताछ की गई। पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वीडियो में नजर आने वाले युवक नवयुवक प्रतीत होते हैं। उनकी वास्तविक पहचान और भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

BNS और IT Act के तहत मामला
थानाध्यक्ष के स्वलिखित बयान के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75, 76 एवं 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66E और 67A के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच के लिए सुरक्षित रखने के साथ घटना से जुड़े संभावित साक्ष्यों को भी जुटाना शुरू कर दिया है। वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए स्थानीय स्तर पर पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
मंदार पर्वत धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में कथित घटना के सामने आने के बाद पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान बढ़ा है। फिलहाल पुलिस का फोकस वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई गई घटना वास्तव में कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुई तथा इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या रही।
महत्वपूर्ण: वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने तक वीडियो में दिखाई देने वाले किसी व्यक्ति की पहचान अथवा कथित भूमिका को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। दैनिक बिहार पत्रिका भी वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता और किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराता।


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