
बांका:- जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए गए विशेष समकालीन अभियान के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतना दो पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण में बिना सूचना और अनुमति के ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित पाए जाने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सुरक्षा वाहनों की हुई सघन जांच
पुलिस मुख्यालय, पटना के निर्देश पर 3 अक्टूबर 2026 को जिले में विशेष समकालीन अभियान चलाया गया। इस दौरान ERSS वाहनों, थाना पेट्रोलिंग वाहनों, पुलिस दीदी स्कूटी, मोटरसाइकिल मोबाइल और क्यूआरटी टीमों के माध्यम से सघन वाहन जांच एवं सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक बांका ने विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण कर ड्यूटी व्यवस्था का जायजा लिया।
रजौन में ERV-1 से गायब मिले पुलिसकर्मी
निरीक्षण के दौरान रजौन थाना क्षेत्र के अजीत नगर पहाड़ी के समीप BR01 HP 0772, ERV-1 वाहन पर तैनात पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार पासवान अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। जांच के दौरान उनके पास अनुपस्थिति के संबंध में पूर्व सूचना, अवकाश या अनुमति नहीं होने की बात सामने आई।
बाराहाट में भी मिली ऐसी ही स्थिति
वहीं पुलिस उपाधीक्षक, रक्षित द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर बाराहाट थाना क्षेत्र में ब्लॉक के पास BR01 HP 0774, ERV-1 पर तैनात PTC/639 रविन्द्र कुमार यादव भी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। बताया गया कि वे भी बिना किसी पूर्व सूचना, अवकाश या अनुमति के अपने निर्धारित कर्तव्य स्थल से गैरहाजिर थे।
लापरवाही को माना गया गंभीर अनुशासनहीनता
पुलिस विभाग के अनुसार, ड्यूटी के दौरान बिना सूचना या अनुमति के निर्धारित स्थान से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट पुलिस उपाधीक्षक, रक्षित द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई।
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक बांका ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार पासवान और PTC/639 रविन्द्र कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में पुलिस केन्द्र रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों का मुख्यालय पुलिस केन्द्र, बांका निर्धारित किया गया है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की जाएगी। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को ड्यूटी के दौरान अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों की सक्रिय मौजूदगी और निर्धारित जिम्मेदारियों के पालन पर विशेष जोर दिया गया।








