
‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के तहत प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह बनाने की पहल; डीएम अंशुल अग्रवाल ने सुनीं शिकायतें, 30 आवेदक पहुंचे अपनी फरियाद लेकर
बांका:- सरकारी कार्यालयों में अपनी समस्या लेकर पहुंचने वाले लोगों को अधिकारी के इंतजार में बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े और उनकी शिकायतों का समय पर समाधान हो, इसे लेकर बांका जिला प्रशासन ने जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है। बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ के तहत अधिकारियों को निर्धारित कार्य दिवसों में अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मिनी सभागार में आमजनों की समस्याओं की सुनवाई की गई। अपनी अलग-अलग समस्याओं और शिकायतों को लेकर कुल 30 आवेदक डीएम के समक्ष पहुंचे और आवेदन प्रस्तुत किए। डीएम ने लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद उनके निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन का जोर केवल आवेदन प्राप्त करने पर नहीं, बल्कि शिकायतों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर है।
जिला से प्रखंड तक एक साथ हुई सुनवाई
खास बात यह रही कि आमजनों की समस्या सुनने की व्यवस्था केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रही। जिले के सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहे और लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कई मामलों का तत्काल समाधान कर दिया गया, जबकि जिन शिकायतों में विभागीय जांच या अन्य कार्रवाई की आवश्यकता है, उनके त्वरित निष्पादन के लिए प्रक्रिया शुरू की गई।
निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में मौजूद रहना होगा
डीएम अंशुल अग्रवाल ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजनों की सुनवाई के लिए निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्रशासन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें आम नागरिकों को छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं काटना पड़े और उन्हें तय समय में उचित कार्रवाई की जानकारी मिल सके।
जिला प्रशासन ने समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी सेवा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, ताकि सरकारी व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ हो और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास मजबूत हो।









