
तीन उपभोक्ताओं के बिजली बिल में ₹74,778 का सुधार; तीन अतिक्रमण वादों का 31 अक्टूबर तक निष्पादन का निर्देश
बांका:- आम लोगों की शिकायतों के निवारण को लेकर शुक्रवार को बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत जिला पदाधिकारी-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार, बांका की अध्यक्षता में द्वितीय अपीलों की सुनवाई की गई। सुनवाई के लिए कुल 10 मामले निर्धारित थे। विभिन्न विभागों से प्राप्त जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। सुनवाई में सबसे अधिक स्पष्ट कार्रवाई विद्युत विपत्र से जुड़े मामलों में सामने आई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर तीन उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कुल ₹74,778 का सुधार किया गया।
तीन बिजली उपभोक्ताओं के बिल में सुधार
बाराहाट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर चंगेरी निवासी सुरेश प्रसाद यादव के विद्युत विपत्र में ₹43,751 की राशि का सुधार किया गया। वहीं कटोरिया अंचल के कुमरबांक निवासी तूफानी यादव के बिल में ₹28,130 तथा बाराहाट थाना क्षेत्र के बसौनी, सबलपुर निवासी बिभीषण कुमार के विद्युत विपत्र में ₹2,897 की राशि का सुधार किया गया। इस तरह तीनों मामलों में जांच के आधार पर बिजली विपत्रों को संशोधित किया गया।

अतिक्रमण के तीन मामलों में कार्रवाई आगे बढ़ी
अतिक्रमण से जुड़े तीन मामलों में संबंधित अंचलों द्वारा अतिक्रमणवाद संधारित कर अतिक्रमणकारियों को निर्धारित प्रपत्र में नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई। संबंधित अंचल अधिकारियों ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि इन अतिक्रमण वादों का निष्पादन 31 अक्टूबर 2026 तक कर दिया जाएगा।
भूमि मापी पूरी, एक मामले में मांगा गया विस्तृत प्रतिवेदन
भूमि मापी से संबंधित एक अपील में शंभुगंज अंचल अधिकारी ने बताया कि परिवादित भूमि की मापी करा दी गई है। वहीं बंदोबस्त भूमि पर दखल दिलाने से संबंधित अपील में धोरैया अंचल अधिकारी का प्रतिवेदन अपूर्ण पाया गया। मामले में भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, बांका से मंतव्य सहित पूर्ण प्रतिवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया, ताकि मामले पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर
सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों में प्राप्त जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन के अनुसार, बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त परिवादों और अपीलों के पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी निवारण को प्राथमिकता दी जा रही है। शुक्रवार की सुनवाई में भी शिकायतों के निपटारे के साथ संबंधित विभागों और अंचल अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने पर जोर दिया गया।











