
‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के तहत शिकायतों की सुनवाई; जिला से प्रखंड स्तर तक अधिकारियों को दोनों कार्य दिवस कार्यालय में मौजूद रहने का निर्देश
बांका:- आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सुनवाई की व्यवस्था को और सक्रिय किया है। बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के तहत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) के उद्देश्यों के अनुरूप शुक्रवार को समाहरणालय के मिनी सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में आमजनों की समस्याओं की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 14 आवेदकों ने अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। डीएम ने मामलों को सुनने के बाद संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कई मामलों में तत्काल कार्रवाई
प्राप्त शिकायतों में कई मामलों का समाधान तत्काल कर दिया गया, जबकि जिन मामलों में संबंधित विभाग या अधिकारी की जांच और कार्रवाई आवश्यक थी, उनमें त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासन का जोर केवल आवेदन प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखने, बल्कि शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उनके निस्तारण की निगरानी पर है।
जिला से प्रखंड तक सुनवाई की व्यवस्था
शुक्रवार को जिले के सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को अपनी शिकायतों के लिए अनावश्यक रूप से अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और संबंधित अधिकारी के स्तर पर समस्या का समाधान उपलब्ध कराना है।
दोनों कार्य दिवस कार्यालय में मौजूद रहेंगे अधिकारी
डीएम अंशुल अग्रवाल ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहें और आमजनों की समस्याओं की सुनवाई करें। उन्होंने शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना बताया। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और अधिकारियों की नियमित उपलब्धता के जरिए आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत करने पर जोर दिया गया। जिला प्रशासन की यह व्यवस्था शासन और आमजन के बीच सीधे संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।











